दिक वांग्मय, रामायण, महाभारत, पुराणों और श्रीमद्भागवतादि जो चर्चित भारतीय काव्यात्मक रचनाएं हैं, उनमें उल्लेखित विविध आख्यान, कथाएं भारतीय जीवन के संवेग और संकल्प के बिन्दु हैं। यह आख्यान और मनोग्राही विवरण हमारी सांस्कृतिक शाश्वता, निरन्तरता, सतता के ऊर्जा स्त्रोत हैं, भारतीयता की भागीरथी के अक्षुण्ण प्रवाह के कारक हैं। इन विविधवर्णी आख्यानों और कथाओं की मधुमय, अमृतमय शक्ति है कथ्यों एवं तथ्यों का रोचक रूप में मानवीकरण, जिसके परिणाम स्वरूप अतीत की स्मृतियां आज भी जनमानस में रची बसी सुरक्षित हैं।