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कथाकार जीन वान ट्रोयेर नही रहे!

अमरीकी विज्ञान कथा लेखक तथा कवि जीन वान ट्रोयेर का देहांत हो गया है. उनकी मृत्यु १७ जुलाई २००९ को हुई. वो ५८ वर्ष के थे. जीन जापान में अंग्रेजी के अध्यापक थे और भारतीय विज्ञान कथा साहित्य से जुड़े हुए थे.

भारतीय विज्ञान सहित्य पर केन्द्रित, अर्विन्द मिश्र द्वारा नियन्त्रित याहू ग्रुप पर मेरी व् अन्य साथियों से उनकी अक्सर चर्चा होती रहती थी और वे हमेशा सही समय पर सही विचार रख है चर्चा को सही दिशा देते थे. उनके निधन से सम्पूर्ण विज्ञान साहित्य समाज दुखी है. कल्किआन उनको भावभीनी श्रद्धान्जिली देता है.

जीन का जन्म १ दिसम्बर १९५० को अमरीका के पोर्टलैंड में हुआ था. उन्होंने १३ वर्ष की उम्र में ही लिखना शुरू कर दिया था और २० वर्ष की उम्र में वो कहानियो से धनोपर्र्जन भी करने लगे थे. २४ वर्ष की आयु में वो छात्र अदन-प्रदान  exchange student कार्यक्रम के अर्न्तगत जापान गए. वहा उन्होंने कई जापानी विज्ञान साहित्यकारों के लिए बतौर ट्रांसलेटर कार्य किया. 

जीन अपने पीछे अपनी पत्नी टोमोको, दो पुत्र मकतो और अकितो तथा एक पुत्री मीका को छोड गए हैं.

आभारः The Science Fiction and Fantasy Writers of America

-- स्वप्निल भारतीय

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