प्रिय पाठकों,
१५ अगस्त २०१० को कल्किआन हिंदी अपना एक वर्ष पूरा कर रही है। बहुत से विषय हैं - सामजिक, राजनैतिक, आध्यात्मिक, दर्शन - जिन पर जरूरत के बावजूद बात् नही हो पा रही थी। मै विज्ञान व तकनीकी पत्रकारिता से जुडा हूँ अत: कल्किआन को विज्ञान तक सीमित रखा था। लेकिन एक वर्ष मे कल्किआन हिंदी, अंग्रेजी - विश्व प्रसिद्द कटोंडा, मुक्तवेयर, फैक्चुअल एरर की स्थापना के बाद लगा कि भारत की मूल चिंताओं से दूर नही रहा जा सकता। इसीलिये हमने कल्किआन मे सामान्य साहित्य और सरोकार छापने का फैसला लिया।
१५ अगस्त को आपके सामने कल्किआन हिंदी एक नये क्लेवर, रूप-सज्जा, मे प्रस्तुत होगी। उसमे सामान्य कहानियाँ होंगी, सामाजिक विषयों पर लेख होंगे, कविताये होंगी, कार्टून होंगे और बहुत कुछ होगा।
आपकी रचनायें आमंत्रित हैं। आप अविलम्भ लेख, कहानियाँ, कवितायें इत्यादि भेज सकते हैं। भेजने का पता है -- sampadak@kalkion.com.
साभार
स्वप्निल भारतीय