दोनों में आश्चर्यजनक समानाताएं हैं। दोनों को बुराइयां अधिक दिखती हैं और दोनों अपने स्वयं से संतुष्ट नहीं रहते, और अपने में भी बुराइयां ही अधिक देखते हैं।
दोनों में समस्याओं को समुचित रूप से हल करने की क्षमता कम होती है। किन्तु धौंस जमाने वाले लड़के पढ़ना पसंद नहीं करते और पढ़ाई में कमजोर रहते हैं।
यह निष्कर्ष विषय से संबन्धित १५३ अध्ययनों का मंथन कर निकाला गया है, और 'स्कूल साइकौलौजी क्वार्टर्ली' में इसी सप्ताह प्रकाशित हुआ है।
यह मह्त्वपूर्ण व्यवहार है जिसका बच्चों के मानसिक विकास पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता, और हम इसे भूल जाते हैं। अतएव इस विषय पर चिन्तन, मनन तथा सुधार की आवश्यकता है।