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कल्किआन अब सामान्य साहित्य भी प्रकाशित करेगी

प्रिय पाठकों,

कुछ दिनो पहले हमने एक लघु-कथा प्रकाशित की थी - 'विज्ञान और कला, एक लघु कथा'। संपादक तिवारी जी ने टिप्पणी की थी -- "यह लघु कथा विज्ञान और कविता का सम्बन्ध दर्शाती है, और उनके बीच कोई विरोध नहीं है यह भी।"

सच तो यही है कि साहित्य और विज्ञान समाज के आवश्यक तथा पूरक हिस्सों की तरह है, उन्हे प्रथक नही रखा जा सकता। उनके बीच कोई विरोध नही है। इसी विचार को हम मूर्त रूप दे रहे हैं। कल्किआन हिंदी अब विज्ञान पत्रिका की बजाये, हिंदी साहित्य की पत्रिका मे परिवर्तित हो रही है।

कल्किआन हिंदी अब सामान्य साहित्य भी प्रकाशित करेगा। अत: आपसे अनुरोध है कि अपनी रचनायें इस पते पर भेजें - sampadak @ kalkion . com

सामान्य रचनायें कृपया यूनीकोड मे ही भेजें।

कविता
कहानी
लेख
साक्षात्कार
कार्टून
समाचार
सम-सामयिक मुद्दों पर लेख सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं, अत: विशेष प्राथ्मिकता दी जायेगी।

इस अंक का प्रथम प्रकाशन १५ जून, २०१० को किया जायेगा।

स्वप्निल भारतीय

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by Dr. Radut.