प्रिय मित्रों,
पिछ्ले कुछ दिनों से अधिक व्यस्तता के कारण कल्किआन हिंदी पर अधिक रचनायें प्रकाशित नही हो पायी। कारण शुभ है। कल्किआन परिवार मे कल रात एक नये सद्स्य ने जन्म लिया है। इस सद्स्य का नाम है -- मुक्तवेयर। मुक्त अर्थात स्वतंत्र और वेयर का एक अर्थ खरीदी या बेची जा सकने वाली वस्तु भी है।
कटोंडा से तो आप परिचित ही होंगे - कल्किआन परिवार की सार्वाधिक सफल वेबसाईट। मुक्तवेयर का मूल विचार तकनीकी जगत का व्यापारिक पक्ष ही है -- अंतर सिर्फ इतना है कि मुक्तवेयर केवल लिन्क्स सरीखी मुक्त तकनीको के इर्द गिर्द केन्द्रित रहेगी।
अमरीका, जर्मनी तथा भारत स्थित दल के साथ विभिन्न समय क्षेत्रों मे काम करने की वजह से पूरी दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गयी थी। मुक्तवेयर के अनावरण के साथ कुछ अंशकालिक व्यस्तता तो कम हो गयी है लेकिन दीर्घकालिक व्यस्ततायें तथा जिम्मेवारिया बहुत बढ गयी हैं।
कटोंडा की ही तरह मुक्तवेयर को भी आदरणीय विश्व मोहन जी का अशीर्वाद प्राप्त है -- वे मुक्तवेयर के संपादकीय सलाहकार हैं।
आशा है इस महत्वाकांक्षी योजना मे आपका सहयोग मिलता रहेगा।
आभार
स्वप्निल भारतीय
एक झलक मुक्तवेयर की!
