क्लाज नापर से तो शायद आप परिचित ही होंगे। यदि नही हैं तो बता देता हूँ। यदि आपने कभी गनू लिन्क्स का प्रयोग किया है तो देखा होगा कि इसकी सबसे बडी विशेषता है 'लाईव सीडी'।
लाईव सीडी माने पका-पकाया खाना। जब आपका विन्डोज बैठ जाता है, जीवाणु (वायरस) के आक्रमण या अन्य कारणों से तो आपके सामने एक ही विकल्प होता है, उसे पुन:इन्स्टाल करना। लिनुक्स की यह विशेषता होती है कि आप पूरा संगणक (बोले तो कम्प्यूटर) बिना इसे इन्स्टाल किया चला सकते हैं। इसका एक लाभ यह भी है कि यदि आपकी हार्ड ड्राईव खराब हो गयी है या विन्डोज का 'सी' [स्कूल मे ए, बी, सी ग्रेड मिलते थे; विन्डोज कभी सी से आगे बढ ही नही पाया ;-)] खराब (करप्ट) हो गया हो तो गनू-लिनुक्स का प्रयोग करके आप उसमे फंसी अपनी आवश्यक सामग्री (डेटा) को निकाल सकते हैं।
गनू-लिनक्स की यह खूबी एक जर्मन अभियंता ने विकसित की। उन्हे लाईव सीडी का जनक भी कहा जाता है। उनके नाम से एक गनू-लिनुक्स आपरेटिंग सिस्टम भी है - क्नापिक्स।
इनसे मेरी पुरानी मित्रता है। इधर सीबीट मे मुलाकात हुई तो मैने लम्बा सक्षात्कार कर डाला। साथ मे इनकी नेत्रहीन पत्नी भी थीं। बेहत लगाव व प्रेम है दोनो को एक दूसरे से। क्लाज का प्रेम और क्षमता देखिये कि उन्होने नेत्रहीनों के लिये एक आपरेटींग सिस्टम ही बना डाला जिससे की उनकी पत्नी संगणक का इस्तेमाल कर सकें। इसका नाम है एड्रिआना क्नपिक्स। मैने एक लेख इस नेत्रहीनो के आपरेटिंग सिस्टम पर भी लिख डाला।
दोनो ही लेख एशिया की सबसे बडी गनू लिन्क्स पत्रिका -- लिनक्स फार यू मे प्रकाशित हुये। जर्मनी आने से पूर्व मै लिनक्स फार यू/ईलेक्ट्रानिक्स फार यू पत्रिका मे सहायक संपादक था और ईएफवाई टाइम्स का नेतॄत्व कर रहा था। खैर यहाँ जर्मनी आकर कटोंडा स्थापित की और २९ को एक नय़ी घोषणा की जायेगी।
क्लाज नापर इस माह की लिनक्स फार यू के 'कवर' पेज पर हैं। लिनुक्स फार यू की मेरी सभी रचनाये कवर पेज पर ही जाती हैं ;-) क्लाज जून मे कुछ दिनों के लिये हमारे साथ सपरिवार रहने आयेंगे। तब शायद और नयी बातें हों :-)
यह लेख कटोंडा पर शीघ्र ही अंग्रेजी मे प्रकाशित होगा। तब तक इस चित्र का अनंन्द लें :-)
यदि गनू-लिन्क्स या नेत्रहीनों के लिये आपरेटिग सिस्टम संबधित कोई प्रश्न हो तो बेहिचक मुझसे संपर्क करें।
मै, एड्रिआना तथा क्लास नापर।