एक वैज्ञानिक हैं एडवर्ड टैलर, प्रसिद्ध हैं क्योकि हाइड्रोजन बम के निर्माण में उनका योगदान मह्त्वपूर्ण था।
वे मानव स्वभाव के प्रति निराशावादी थे, और प्रौद्योगिकी के प्रति आशावादी!
यह समझना जरा मुश्किल है, क्योकि जब मानव स्वभाव के प्रति ही आशा नहीं तब उसके द्वारा उपयोग की जाने वाले प्रौद्योगिकी का कैसे भरोसा किया जा सकता है ! किन्तु टैलर एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं। उनका मानना है कि यह मानव उष्णक गैसो (ग्रीन हाउस गैस) को कम नहीं करेगा; यह तो सत्य साबित हो रहा है। अत: उनका सुझाव है कि हम जलवायु पर ही नियंत्रण करें !! यही है भू इंजीनियरी!
वैज्ञानिको की समझ में यह क्यो नहीं आता कि हमें प्रकृति से युद्ध नहीं करना है, उसके साथ सौहार्द्र पूर्वक रहना है!
हां इसमें एक लाभ की संभावना है कि उष्णक गैसो से तो हम धीरे धीरे मरेंगे, किन्तु जलवायु पर नियंत्रण करने में शीघ्र ही छुट्टी पा जाएंगे!!
पश्चिम में और अधिकांशतया पूर्व में भी यह कोई नहीं सोच रहा है कि हम अपना भोग (कन्ज़म्प्शन ) कम करें। जब कि यह एक व्यावहारिक तथा अंतत: सुखदायक मार्ग है।