कल्किआन अंग्रेजी मे प्रकाशित एक समाचार के अनुसार नासा ने शनि ग्रह का एक नया छल्ला खोजा निकाला है। यह नया छल्ला इतना विशाल है कि इसमे १ अरब प्रथ्वी समा जायेंगी। यह छ्ल्ला नासा के स्पिट्जर खगोल दूरबीन ने खोजा है।

इस छ्ल्ले की कक्षा शनी के मुख्य छ्ल्लों की अपेक्षा अपने अक्ष पर लगभग २७ डिगरी पर झुकी हई है। इस छ्ल्ले की शुरुआत ग्रह से लगभग ६० लाख किलोमीटर की दूरी पर शुरू होती है और यह लगभग १२० लाख किलोमीटर चौडा है। इसका व्यास इतना विशाल है कि उसे नापने के लिये ३०० शनि ग्रहों को एक रेखा मे रखना होगा।
यह छ्ल्ला महीन बर्फ़ तथा अन्तरिक्षिय धूल कणों से बना हुआ है। इस खोज से सदियों पुरानी उस पहेली को भी सुलझने मे मदद मिलेगी जिससे वैज्ञानिक सदियों से जूझ रहे है -- शनि के एक चांद इपेटस का रूप रंग थोडा असामान्य सा है - इसका एक हिससा अत्यंत ही चमकीला तथा दूसरा बेहद अंधकार-मय है। शायह अभी तक हमारी आखों से छिपे रहे इस छ्ल्ले का इसमे कोई खेल हो!
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