हमें बाजार में कोई नई वस्तु दिखती है तो हम एकदम आकर्षित हो जाते हैं; और यदि वह वस्तु नई प्रौद्योगिकी की हुई तब तो मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। टैफ़्लान विलेपित बर्तन देखते ही महिलाएं तो क्या पुरुष भी विमोहित हो जाते हैं। और यदि वे मोटापे से डरे बैठे हैं तब तो कुछ और सोचना ही नहीं, बस खरीद लो ।
आबादी नियंत्रण कितना कठिन कार्य है इसका एक उदाहरण हमारे निकट संबन्धी 'अंगूठीदारपुच्छ लमूर' पर किये जा रहे प्रयोगों से स्पष्ट हो सकता है।इसका वर्णन 'प्रोसीडिंग्ज़ आफ़ रायक सोसायटी (२८ जुलाई १०) में प्रकाशित है।
ताइवान राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के वुन यी शु एक ताइवानी वैज्ञानिक ने ब्रह्माण्ड के उद्भव की एक परिकल्पना प्रस्तुत की है जो आइन्स्टाइन के आगे जा सकती है। (ताइवान को हम उसके लघु आकार के कारण छोटा न आंकें, उसकी 'आरक्षित धन राशि' भारत से अधिक है !)
कम से कम चूहों में तो वैज्ञानिकों ने यही जाँच परखकर पाया है ! अभी तक तो हम तनाव को सर्वाधिक हानिकारक मानते आ रहे हैं, अब हमें अपनी सोच बदलना पड़ सकती है।
दोनों में आश्चर्यजनक समानाताएं हैं। दोनों को बुराइयां अधिक दिखती हैं और दोनों अपने स्वयं से संतुष्ट नहीं रहते, और अपने में भी बुराइयां ही अधिक देखते हैं।
जीवाश्म ईंधन न केवल अधिक प्रदूषण करता है, वैश्विक तापन बढ़ाता है, और संकट पैदा करता है वरन वह समाप्त भी हो रहा है। अतएव विश्व में जीवाश्म ईंधन के विकल्पों की, यथा सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, समुद्र ऊर्जा, भूमिगत ऊर्जा आदि को व्यावहारिक एवं किफ़ायती बनाने पर अनुसंधान हो रहे हैं।
शाकनाशकों ( खरपतवार नाशकों के रूप में) का प्रचार १९७० में खूब जोर शोर के साथ किया गया था जब मान्सैन्टो ने ग्लाइफ़ोसेट नामक शाकनाशक बनाया था। किन्तु थो.डे ही वर्षों में देखा गया कि उसकी उपयोगिता कम होने लगी थी, क्योंकि खरपतवार ने उसके लिये प्रतिरोधकता पैदा कर ली थी। गायत्री वैद्यनाथन साइंटिफ़िक अमेरिकन...
प्रिय पाठकों,
कुछ दिनो पहले हमने एक लघु-कथा प्रकाशित की थी - 'विज्ञान और कला, एक लघु कथा'। संपादक तिवारी जी ने टिप्पणी की थी -- "यह लघु कथा विज्ञान और कविता का सम्बन्ध दर्शाती है, और उनके बीच कोई विरोध नहीं है यह भी।"