Jump to Navigation

सर्वाधिकार / कॉपीराईट

कल्किआन हिंदी क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस का प्रयोग करता है. अन्य प्रकाशकों के विपरीत, जहाँ प्रकाशक रचना पर सारे अधिकार ले लेते हैं, कल्किआन में प्रकाशित रचनाओ पर लेखक का भी उतना ही अधिकार होगा जितना की कल्किआन का.

कॉपीराइट के विषय में यह बात स्पष्ट समझ ले की जिस भी क्षण आप किसी रचना -- कविता, कहानी, गीत इत्यादि का सर्जन करते है उसी क्षण आप उसके स्वामी हो जाते हैं. उसी क्षण आपके पास उससे सम्बंधित मौलिक कॉपी-राईट आ जाते हैं. जिस भी क्षण आप अपनी रचना को ऐसे किसी भी माध्यम से प्रकाशित करते है जहाँ उसे आम जनता द्वारा पढ़ा, सुना या देखा जा सके -- वह रचना प्रकाशित मानी  जाती है. उसके उपरांत उसका केवल पुनः प्रकाशन ही हो सकता है. अतः यह ज्ञात रहे की यदि आपकी रचना आपके अपने ब्लॉग पर भी प्रकाशित हो चुकी तो कल्किआन या किसी अन्य प्रकाशन को भेजने का अर्थ होगा पुनः प्रकाशन.

क्रिएटिव कॉमन लाइसेंस आपके मूल लाइसेंस के ऊपर एक आवरण है जो की आपके लाइसेंसधारी होने से साथ साथ यह स्पष्ट करने में आपकी मदद करता है की आप पाठको को कितने और किस प्रकार के अधिकार देना चाहते हैं. क्रिएटिव कॉमन लाइसेंस अपने आप में कोई कानून नहीं है.

यदि किसी रचना के खिलाफ कोई कॉपीराइट सम्बन्धी शिकायत आती है तो उसकी सूचना रचनाकार को ईमेल द्वारा दे दी जाएगी और रचनाकार से चर्चा करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जायेगा. शिकायत के स्वरुप को देखते हुए, यदि आवश्यक हुआ तो कल्किआन संपादक उस रचना को अस्थाई रूप से अप्रकाशित कर देंगे और रचनाकार के स्पष्टीकरण के बाद ही उसे साईट पर पुनः प्रकाशित किया जायेगे. रचनाकार के पास किसी भी आरोप का जवाब देने के लिए 30 दिन का समय होगा. संपर्क का माध्यम दिया गया ईमेल होगा. यदि रचनाकार 30 दिन में आरोप का जवाब नहीं देता है तो वह रचना साईट से डिलीट कर दी जायेगी. कल्किआन संपादकों को किसी भी समय किसी भी रचना को अप्रकाशित/डिलीट करने का अधिकार है.

कल्किआन में प्रकाशित रचनाओ को कल्किआन भविष्य में भाषांतरित करके अन्य भाषाओ में पुनः प्रकाशित करने के अधिकार सुरक्षित रखता है.
पुनः प्रकाशित रचना में मूल लेखक को समस्त श्रेय यथावत दिए जायेंगे. कल्किआन यह भी अधिकार रखती है की वह कल्किआन हिंदी में प्रकाशित किसी भी रचना (इसमें अग्रीगेशन वाले माध्यम से अर्जित की गयी रचनाये शामिल नहीं हैं) को मुद्रित (प्रिंट) या अन्य माध्यम -- संकलन या पत्रिका -- में पुनः प्रकाशित करने के सारे अधिकार भी रखती है. कल्किआन हिंदी में प्रकाशित रचनाओं के पुनः प्रकाशन के लिए कल्किआन समूह को लेखक की सहमती आवश्यकता नहीं है. कल्किआन में अपनी रचना प्रकाशनार्थ भेजने का तात्पर्य यही लगाया जायेगा की रचनाकार कल्किआन हिंदी की नियम व् शर्तो से सहमत है. इस विषय में किसी भी विवाद/आरोप पर विचार नहीं किया जायेगा.

कल्किआन हिन्दी के कॉपीराइट प्रकार

१. समाचार, ब्लॉग/चिट्टा, लेख, साक्षात्कार इत्यादि "CC-Attribution-Share Alike 3.0 Unported" लाइसेंस के अर्न्तगत प्रकाशित किये गए हैं. इस लाइसेंस का अर्थ यह है की इन रचनाओ का प्रयोग कोई भी कर सकता है बशर्ते की वह अपना कार्य भी इसी लाइसेंस के अर्न्तगत प्रकाशित करे और मूल लेखक/प्रकाशन को श्रेय दे.
२. कहानिया, कवितायेँ, नाटक इत्यादि ''Attribution-Noncommercial-No Derivative Works 3.0 Unported" लाइसेंस के अर्न्तगत प्रकाशित किये गए हैं. इस लाइसेंस का अर्थ यह है की इन रचनाओ का प्रयोग किसी भी व्यवसाइक प्रयोजन के लिए नहीं किया जा सकता. आप इस कार्य में किसी भी तरह का बदलाव करके इसे पुनः प्रकाशित नहीं कर सकते. यदि आप इन रचनाओं को पुनः प्रकाशित करना चाहते है तो आपको रचनाकार/प्रकाशक को पूरा श्रेय देना होगा और पुनः प्रकाशित रचना के लिए यही लाइसेंस प्रयोग करना होगा. यदि आप इस रचना का उपयोग व्यवसाइक प्रयोजन के लिए करना चाहते है तो आपको रचनाकार/कल्किआन से लिखित अनुमत लेनी होगी.

क्रीयेटिव कामन्स लाइसेंस के विषय मे अधिक सूचना के लिए कृपया यहाँ देखें.

नोट: रचनाकार किसी भी प्रकार से इस लाइसेंस द्वारा बाध्य नहीं है. रचना पर रचनाकार का नैतिक व् विधिक अधिकार है और कल्किआन समूह रचनाकारों के अधिकारों का समर्थन व् आदर करता है.

रचना प्रकाशनार्थ भेजने से पूर्वे कृपया नियम व् शर्तें अवश्य पढ़ लें.
 

-- प्रमुख सम्पादक



Main menu 2

by Dr. Radut.