हेमन्त द्विवेदी

दुःस्वप्न

जाने कैसे खंडहर कालेजों में
छात्रों का रूटीन लौट आया-
क्यों प्रेम की बातें
फिर सुनाई देती हैं
जबकि शहर की तबाही के बरे अक्स
भिखारियों को दूब की तरह
उगना जरूरी था हर जगह-

शहर में कमी है-
जिंस, रोजगार, ऊर्जा की
हस्पतालों में कमी है-
दवा, डाक्टर, बिस्तरों की
रेलवे स्टेशनों पर कमी है-

उदास प्रतिमा

वो कहता है कि उसके कम्प्यूटर की
हर फाइल के पीछे उसे एक
बेचैन आदमी दिखता है
और वह सिर थाम लेता है
कि आज किसके ऊपर
बास की कैंची चलने वाली है-

उसने देखा कि जब कभी
भारत का नक्शा
स्क्रीन पर उभरता है
तो उससे उठती चीखें सुनकर
वह अक्सर डर जाता है
और विन्डो क्लोज कर देता है-

जब कभी स्क्रीन पर

भयभीत

विकास एक शब्द नहीं
एक पैना अस्त्र है
जिसने मानव जाति पर
सदियों से लदी गर्द को
छीलकर साफ कर दिया-

प्रगति विकास एक शब्द नहीं
एक तेज दौड़ है
जिसने मानव के मष्तिस्क को
एक दिशा देकर
उसे तेज दौड़ना सिखाया-

आज आदमी साफ सुथरा होकर
नये नियमों में आवृत्त
तेजी से आगे निकल गया
सबसे आगे

भस्मासुर

मैंने एक रोबोट देखा है
जो हूबहू हमारे जैसा है
उसके आपरेटर ने चलाकर दिखाया
बताया कि इसमें
निर्णय लेने की क्षमता है      

आंगन में ओजोन

मेरे आंगन में जो पौधा
रोपा था तुमने
निरे बचपन में
आज हवा की सिहरन के साथ
अपनी विशाल भुजाएं फैलाकर
दे रहा सुख के संकेत
दिशाओं को!

उड़न तश्तरी

मेरे घर के पिछवाड़े
ईसाइयों की सेमंट्री है
चारो ओर चारदीवारी से घिरा
बहुत बड़ा मैदान है
कंकरीली अनुपजाऊ  मिट्टी
सैंजन के हजारों पेंड़
काफी दूरी पर एक मकान
गजब की मनहूसियत !
अभी मैं बत्तीस बरस की हूं
जब पिछले बरस मेरे
पति का देहान्त हो गया-
आठ बरस का बेटा दीपक
जब सो जाता था

प्रकृति और हम

आकाश गंगा के कोने में तीव्र प्रकाश
और फिर एक विस्फोट
टिमटिमाती मणियां बिखर गयीं
सूरज का जन्म हुआ

कुछ समय और बीता
फिर एक मुठभेड़ हुई
आकाश के अंधेरे में
पृथ्वी का जन्म हुआ

लोग कहते हैं कि पृथ्वी से
किसी दानवाकृति की
तीखी तकरार में
चन्द्रमा का जन्म हुआ

विस्फोट, मुठभेड़, तकरार
प्रकाश, अंधेरा टिमटिम
के साथ साथ अदृश्य
आकर्षण भी गति करता रहा

आकर्षण देता है अर्थ
विध्वंस और निर्माण को
ठीक वैसे ही प्यार देता है
अर्थ जीवन को, मृत्यु को

-- हेमन्त द्विवेदी

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