बिना प्रकाश के चमकता चांद-कुछ लोग निश्चय हीभाग्यशाली होते हैं!
आकशीय पिंडो केआकर्षण में छिपाअस्तित्व!
फुटबाल पर चलती चींटीजैसे पृथ्वी पर विचरतादिग्भ्रमित मानव!
ओजोन की साड़ी मेंबार-बार जिस्म छिपातीपृथ्वी!
युद्धक विमान कीविस्मयकारीमिसाइलों का परिणाम!
संजय !धृतराष्ट केटेलीस्कोप!
कुछ भी निरपेक्ष नहीं,भूखे रिक्शा चालक तथा शोफर कीदिमागी गति अलग अलग है!
दिमाग एक मशीन हैजिसका काम इसेमूल प्रश्नों से हटाना है!
छोटे से साइबर संसार में भीसंगठित रह पाना कितना मुश्किल !
अंतरिक्ष में आदमी हो या कुत्तागुरुत्व का उस परकोई असर नहीं पड़ता!
क्रुतिदेव००१ - यूनिकोडशुशा - यूनिकोड - शुशाक्रुतिदेव०१० - यूनिकोड -- क्रुतिदेव०१०क्रुतिदेव०१० - यूनिकोड -- चानक्याचांदनी - यूनिकोड - चांदनी आगरा - यूनिकोडअमर, कुडली - यूनिकोडचानक्या - यूनिकोड - क्रुतिदेव०१०चानक्या - यूनिकोड - चानक्यासहारा - यूनिकिड - सहाराप्रकाश - यूनिकोड - प्रकाश