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हरीश गोयल

विज्ञान कथाओं में अदृश्यता तथा विज्ञान

मिथक में देवी देवताओं का अदृश्य होना एक सामान्य बात है। नारद जी चाहे जब तथा चाहे जहाँ प्रकट हो जाते। ग्रीक मिथक के अनुसार जो कोई हेड्स का हेलमेट पहन लेता है वह अदृश्य हो जाता है। पर्सिअस मिथक के अनुसार देवी एथेना से पर्सिअस एक टोपी प्राप्त करता है तथा इसे पहनकर अदृश्य हो जाता है। वह सोई हुई मेडयूसा के पास सीधा पहुंचता है तथा उसकी हत्या कर देता है। नॉर्स मिथक के अनुसार टर्न्हेम एक ऐसी ही टोपी पहनकर अदृश्य हो जाता है कस्वालाउन अदृश्य होकर अपब्रान एवं कई सरदारों की नृशंस हत्या कर देता है।

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विज्ञान कथाओं में कालयात्राएं

विज्ञान कथाओं में कालयात्राएं सामान्य रही है। कालयात्रा करते हुए व्यक्ति भूत काल में गमन कर सकता है तथा भविष्य में भी जा सकता है यह इस धारणा पर आधारित है कि तीन आयामों के साथ चौथा आयाम समय है जब चारों आयाम अंतर्गुथित हो जाते है तो काल यात्राएं संभव हो जाती है।

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विज्ञान कथाओं में उड़न तश्तरियाँ

जून २४,१९४७। साँझ का समय। तीन बजे थे। पायलट आर्नोल्ड चेहलिस 'काल एयर ए-२' विमान में वाशिंगटन से याकीमा की ओर उड़न भर रहा था। वह एक अनुभवी तथा कुशल पायलट था। वह अब तक ९००० उडाने भर चुका था। इनमें से आधी खोजबीन और बचाव से संबंधित थीं। आकाश साफ़ था। हवा बहुत हल्की बह रही थी। वह रेनिअर पर्वत के निकट उडान भर रहा था। इस समय वह ९२०० फीट की ऊंचाई पर था।

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ऑपरेशन पुनर्जन्म

"डॉ. किरणमाली, अख़बार की सुर्खियों को आपने देखा होगा ?" डॉ मार्तंड विडियोफ़ोन पर बोले। विडियो फ़ोन पर फ़ोन करने वाले की तस्वीर भी दिखाई पड़ती है।
''हाँ, डॉ मार्तंड हमारा प्रयोग सफल रहा। "किरणमाली ने विडियो फ़ोन पर जवाब दिया।
"यह पुनर्जन्म नहीं है, लेकिन लोग तो इसे पुनर्जन्म ही समझेंगे"
"हाँ, यह तो होना ही था।"

रचनाकार: 

साहित्य मे फ़ंतासी: विस्तृत चर्चा

मनुष्य में ज्ञान प्राप्ति की लालसा रही है। सर्व प्रथम यह लालसा फंतासी करने से संतुष्ट होती है। फंतासी मन की उडान को आकाश देती है उसे ही वह कथा के रूप में उकेर देता है। अज्ञात लोक की यात्राएं फंतासी के लिये पूरा एक स्कोप होती है। इससे उसकी साहसिक भावना भी मुखरित होती है डीडलस, इकारस तथा हर्मिस पंख लगाकर आकाश में उड़ते है। यूलिसस तथा उसके दल का सामना एक अज्ञात द्वीप पर मोन्सटर्स तथा लोकोत्तर प्राणियों से होता है सिरस के जादू से युलिसस के साथी पशु में परिवर्तित हो जाते हैं प्लेटो ने अटलांटिस की कल्पना की तो सीरेनो डी बर्जरेक अंतरग्रहीय मशीनों का निर्माण करते है। उनकी कथा में एक बॉक्स की तरह का यान धुएँ की शक्ति से ऊपर उठता। सेमोसाता के ल्यूसियन का यान 'चक्रवात' की शक्ति से चलता है। वह चाँद पर' मूनमैन' से मिलता है। सेमोसाता के ल्यूसियन की कथा 'वेरा हिस्टोरिया' (१६० ए. डी.) को प्रथम प्राचीन विज्ञान कथा माना जाता है।

फंतासी तथा विज्ञान फंतासी में अंतर है। फंतासी कथा में कल्पना का आधार अधिकांशतः सुपरनेचुरल होता है। जबकि विज्ञान फंतासी किसी सुपरनेचुरल को नहीं मानती। वह प्रकृति की छुपी हुई चीजों में विश्वास करती है। फंतासी- कथा अतार्किक होती है जबकि विज्ञान फंतासी तर्कपरक होती है। होमर की 'ओडिशी' के मोंस्टेर्स सुपरनेचुरल है, लेकिन एच. जी. वेल्स की कथा 'द आइलैण्ड ऑफ़ डॉ. मोरियो' के दानव एक सर्जन के प्रयोगों की देन है। वह जानवरों पर प्रयोग करके 'बीस्ट-पीपुल' बनाता है। वेल्स इसके माध्यम से यह प्रश्न भी खडा करते हैं कि क्या हम मनुष्य है या पशु? होमर की 'ओडिशी' फन्तासी कथा कहलाएगी जबकि एच. जी. वेल्स की द आइलैंड ऑफ़ मोरियो विज्ञान-कथा।

लोडोविको ओर्योस्टो की पुरा कथा 'ओरलेंडो फ्युरियोसो' में प्रेमी की मृत्यु चाँद के एक घडे में होती है। उसका मित्र एसटोल्फो चार घोडों की सहायता से अग्नि-रथ पर सवार होकर अन्तरिक्ष की यात्रा करता है। वहां वह अपनी कल्पना से भी वृहद एक ग्रह को पाता है। गैलिलियो ने इसके ठीक सौ साल बाद दूरबीन से प्रथम बार किसी ग्रह को अन्तरिक्ष में खोजा। क्या वह ओरलेंडो का ग्रह था?

विज्ञान कथाओं की फंतासी वास्तविकता में बदल सकती है, क्योंकि उसके पीछे वैज्ञानिक तर्क होता है। जूल्स वर्ने ने'ए ट्रिप फ्रॉम द अर्थ टू मून' में तोप के आकार के रॉकेट से एक गोले में बर्बिकेन तथा उसके साथियों को चाँद पर भेजा। जूल्स वर्ने का रॉकेट यू. एस.  अपोलो द्वारा भेजे गये यान के 'नोज कोन' से मिलता जुलता था। दोनों की ही उडान फ्लोरिडा से हुई थी। लेकिन फंतासी को वास्तविकता में बदलने में सौ साल लगे। विज्ञान कथाओं का 'कल्ट' ऐसा ही है। उसमें वैज्ञानिक तथ्यों के  साथ साथ आकर्षक रोमांस तथा भविष्य में झाँकने की दूरदर्शिता भी होती है। एडवर्ड एवरेट हेल की विज्ञान कथा 'ब्रिक मून'(१८६९) में वर्णित पिंड पृथ्वी का पहला कृत्रिम उपग्रह था। हेल ने ही विज्ञान कथाओं में सर्व प्रथम 'अन्तरिक्ष- स्टेशन' की कल्पना की। यह फंतासी ठीक सौ वर्ष पश्चात् वास्तविकता में परिणत हुई। जूल्स वर्ने ने ही नाभकीय पनडुब्बी 'नाटिलस' की कल्पना 'ट्वेंटी थाउजेंड लीग्स अंडर द सी ' (१८७०)। में प्रथम बार की। अमेरिकी नाभकीय पनडुब्बी का नाम 'नाटिलस' जूल्स वर्ने के सम्मान में रखा गया।

लुईस केरोल की कथा 'एलिस इन वंडर लैंड' (१८६५) में एलिस बोतल के एक द्रव को पीकर बौनी हो जाती है ऐसे ही वह एक केक को खाने पर वह दैत्याकार हो जाती है। कथा में उसके स्वप्न जगत का दिलचस्प उदघाटन हुआ है अपने सपने में प्रवेश कर एलिस एक ऐसी दुनियां में पहुँच जाती है जहाँ सब कुछ अनोखा  होता है - सारे जीव जंतु और तमाम तरह के कीट पतंग। यहाँ तक कि वह अपने रूप स्वरुप में अजूबा हो उठती है। हैरान होती है अपने आप पर और अपने आस पास पर। विचित्र, मूर्खतापूर्ण और निर्मम लगता है उस दुनिया के ताश के पत्तों जैसे राजा रानी का न्याय। वह न केवल उनका विरोध करती है बल्कि अपनी साहसपूर्ण बुद्धि से उन्हें छकाती है। चार्ल्स किंग्सले की 'वाटर बेबीज'(१८६३)भी एक फंतासी कथा है।

आइजक असिमोव की कथा 'फैन्टास्टिक वोयेज' में पूरा का पूरा नाविक दल अत्यन्त सूक्ष्म होकर जहाज सहित एक महत्वपूर्ण व्यक्ति की केरोटिड में प्रवेश कर जाते है तथा खून के थक्के को मस्तिष्क से हटाता हैं। रे कमिंग की विज्ञान कथा 'द गर्ल इन द गोल्डन एटम' में नायकों की पूरी श्रृंखला सब-इलेक्ट्रोनिक आकार में बदल जाते है तथा इंटर न्यूक्लिअर स्पेस में गमन करते हुए युवती का पता लगाते है। इसी प्रकार से लघुकरण का उदाहरण हम फिल्म 'द इन्क्रेडिबल स्रिन्किन्ग मैन' में पाते हैं। अब निकट भविष्य में नैनो टेक्नोलॉजी ऐसा ही कमाल दिखा पायेगी। फिट्ज़जेम्स ब्रियोंन की कथा' डाईमण्डलेंस' में नायक सूक्ष्मदर्शी यन्त्र (विज्ञान कथाओं में प्रथम) से एक लघु संसार को देखता है तथा एक रूपसी के प्रेम में पड़कर स्वयं को तबाह कर लेता है।

विज्ञान कथाओं में अन्य आयामों को लेकर भी कथाएँ रची  गयी है। एडविन ए अबोट की फ्लैटलैण्ड 'ए रोमांस ऑफ़ मेनी डाईमेंशन' के निवासी' द्विआयामी' होते हैं उसमें रेखाएं, वर्तुल तथा अन्य ऐसी ही रेखीय संरचनाएं आपस में बातें करती हैं। लेकिन एक डाईमेंशन से दूसरे डाईमेंशन में गमन का नायाब उदाहरण डोरिस पिसेर्चिया की विज्ञान कथा 'स्पसलिंग' में मिलता है। अन्य आयामों के छल्लों को देख लेने की क्षमता अंतरिक्ष युग के उत्परिवर्तनशील मानव में होती है। नायिका डेरिल उत्परिवर्तन संस्थान की देखरेख में कार्य करती है। वह यह पाती है कि यदि तुम सही समय पर सही छल्ले में कूदते हो तो यह तुम्हें दूसरे डाईमेंशन में तथा दूसरे रूप में ले जायेगा।

मेरे उपन्यास 'कालजयी यात्रा' में अंतरिक्ष यात्री इसी तरह छल्ले में प्रवेश कर दूसरे डाईमेंशन में प्रवेश कर जाते हैं तथा उनका रूप भी परिवर्तित हो जाता है। लेकिन यह एक एस्टरल छल्ला होता है। उनकी एक और कथा 'पांचवा आयाम 'भी दूसरे डाईमेंशन में गमन पर अधारित है। पृथ्वी के बचे हुए मानव अपना अस्तित्व बचाने के लिये पांचवे आयाम में गमन कर जाते है। कथामें स्टीफन हाकिंग के 'बलों के एकीकृत सिद्धांत' का प्रयोग होता है जब तीन आयामों में चौथा आयाम अंतर्गुथित होता है तो काल यात्राएं प्ररम्भ होती है लेकिन यह एक अलग धारणा है।

यहाँ तीनों दिशाएँ समय से मिलती है। एच.जी.वेल्स की टाइम मशीन में व्यक्ति भविष्य में गमन करता है। काल गमन करता हुआ व्यक्ति भूत काल में पहुंचकर इतिहास को बदल भी सकता है लेकिन उसका इतिहास समानांतर इतिहास कहलायेगा। विज्ञान कथाओं में अदृश्य होने की गाथा किसी फंतासी से कम नहीं है। यूं तो अदृश्य होने की गाथा पुरा कथाओं में भरी पड़ी है लेकिन विज्ञान कथा फंतासी तार्किक फंतासी है। वैज्ञानिक अनुसन्धान करता है और इसी से उत्पन्न होती है फंतासी। एच जी वेल्स की कथा 'इनविजिबल मैन' में नायक एक रसायन पीता है और अदृश्य हो जाता है। मेरी विज्ञान कथा 'एलियन्स से युद्ध' में नायक किरणों को विशिष्ट कोनों से मोड़कर अदृश्य हो जाता है। अमित कुमार ने 'अदृश्य मानव' में  प्रकाश की किरणों का परावर्तन न होने देने के आधार पर व्यक्ति अदृश्य हो जाता है। नवनिद्धि राय की कथा 'एन्द्रजालिक ऐनक' (१९२५० ) में एक ऐसा ऐनक होता है जिससे पार्वती देवी दीवार के पार देख लेती है।  बी.एस. हेल्डन की कथा 'जादुई कॉलर बटन ' (१९३७ ) में बटन तथा जूतों के जादुई कारनामें होते है रॉलिंग की हेरी पोर्टर की कथा जादूई खेलों पर आधारित होती है।

विज्ञान कथाओं में रहस्य पर अधारित फंतासी भी पाई जाती है। बरमूडा ट्राएंगल आज भी एक रहस्य है। क्यों कई यान उस क्षेत्र में आकर गायब हो गये? इस गुत्थी को मैने विज्ञान कथा 'रहस्यमयी ट्राएंगल' में दिया है कथा में मेटेरिअल ट्रांसफर को बताया गया है। सशरीर पलक झपकते कहीं का कहीं पहुंचा जा सकता है, जैसे नारदजी पहुँच जाते हैं। लेकिन हमारी कथाओं में फंतासी के साथ साथ तर्क भी है। कथा में विमान चालकों का अपहरण विमान सहित अपहरण बाह्यअन्तरिक्षवासियों द्वारा 'मेटेरिअल ट्रांसफर' के सहयोग से कर लिया जाता है। बरमूडा ट्राएंगल पर जीशान हैदर जैदी ने भी विज्ञान कथा लिखी। पदार्थ पारण पर डॉ. अरविन्द मिश्र की कथा 'अंतिम दृश्य' में विपिन बाथरूम में पहुंचकर 'पदार्थ पारण' करता है। वह पलभर में अमेरिका पहुँच जाता है।  डॉ। राजीव रंजन उपाध्याय की कथा 'ओह ! वह हरा आकाश' में इंजिनियर वेलेरी 'टेलीपोर्टेशन' की सम्भावना को एक तान्त्रिक के यहाँ तलाशने जाती है। उन्हें इसकी विचित्र अनुभूति होती है।

पिरामिड आज भी एक रहस्य बने हुए हैं। डॉ राजीव रंजन उपाध्याय की कथा 'पिरामिड' इसी पर अधारित है। माया तथा इन्का सभ्यता आज भी रहस्य बने हुए है। मेरी 'काल जुदाई' माया सभ्यता पर तथा 'वेलेंटाइन डे' एटलान्टिस तथा 'उड़नशील मानव' नाज्का सभ्यता पर आधारित है। फंतासी कथाओं में रूप परिवर्तन सामान्य बात है पर विज्ञान कथाओं में यह एक दुष्कर कार्य है। येती आज भी एक रहस्य बना हुआ है। फ्रेडरिक ब्राउन ने 'येती 'नामक विज्ञान कथा लिखी। येती पर डॉ. अरविन्द मिश्र की विज्ञान कथा 'कायांतरण' है। कथा में व्यक्ति कंद मूल खाकर येती में परिवर्तित हो जाता है। वह येतियों के बीच रहता है तथा अपनी व्यथा कथा एक पत्र के माध्यम से कहता है। मेरी विज्ञान कथा 'येती रिटर्न्स' में व्यक्ति एक वैज्ञानिक की पुत्री का अपहरण कर लेता है। बाद में पता चलता है वह तो जेनेटिक इंजीनिअरिंग की उपज है। मैने एक कथा 'कायांतरण' में 'वुल्फ मैन' की कल्पना तथा एक अन्य कथा में 'मानव- बन्दर' की कल्पना की।

मिथक का विज्ञान कथाओं में भरपूर  उपयोग हुआ है। मिथक फंतासी को एक बहुत बड़ा स्कोप प्रदान करता है। 'आधुनिक ययाति' में ययाति की देहसुख की पीडिता नायिका प्रियम्वदा हर पल कुछ घटने की आशंका से गुजरती है। मेरे विज्ञान कथा उपन्यास 'फिर एक ययाति' में ययाति वृद्ध से युवा हो जाता है वह विश्व को आततायी के कहर से बचाता है साथ ही दुनिया को बदलने में अहम भूमिका निभाता है।

'टेलीपैथी' पर उपाध्याय जी की कथा 'ध्यान मशीन' है। कथा में श्रीमती पोवालिना टेलीपेथी द्वारा बाह्य अन्तरिक्ष वासियों से सम्पर्क स्थापित करती है। अरविन्द मिश्र की कथा 'सम्मोहन' में बाह्य अन्तरिक्ष से आया एक लुटेरा अंजलि को सम्मोहित करता है तथा धरती का समस्त लोहा चुराने की बात कहता है। मेरी कथा 'सम्मोहन' में गुरु तथा शिष्य सम्मोहन करते है। गुरु तथा शिष्य की आत्माएं आपस में बदल जाती है गुरु शिष्य का व्यवहार करने लगता है तथा शिष्य गुरु का। सम्मोहन के द्वारा ही 'एनकाउंटर' में यात्री दल एलियन के कहर से पृथ्वी को बचा पाता है। यदि एक ही तरह का सपना बार बार आता है तो वह वास्तविक हो सकता है। मेरी कथा 'ऑपरेशन टेराफोरमेशन' में क्रिस्टीन कीलर को एक ही तरह का सपना बार बार आता है। सपने में 'एप्साईलन एनड्रोमिडा' का आक्रान्ता क्रिस्टीन के मस्तिष्क को निकालकर स्वयं का मस्तिष्क डाल देता है। अरविन्द मिश्र की विज्ञान कथा 'राज करेगा रोबोट' में एक काल यात्री स्वप्न दर्शक यन्त्र को साथ लेकर एसिमोव के पास पहुंचता है तथा इस यन्त्र के द्वारा उसमें सपना जगाकर रोबोटिक्स के प्रथम नियम में संशोधन कर देता है।

विज्ञान कथाओं में दूसरों के विचारों को बिना कहे तथा बिना लिखे जान लेने की बात बहुतायत से पाई जाती है समीर धर की कथा 'नीला ग्रह ' में नीला ग्रह के लोग विचारों को जान लेतेहैं। कल्पना कुलश्रेष्ठ की कथा 'साईगा ग्रह की यात्रा' मेंअनोखा धूप का चश्मा पहनते ही सामने वाले के मन में उठ रहे विचारों को जान लेते हैं। अरविन्द दुबे की विज्ञान कथा' डॉ। डी' में 'साईकोस्कोप'से विचारों ,मनोभावों और संवेदनाओं को जाना जा सकता है। इससे मस्तिष्क की तरंगो का सूक्ष्म कम्प्यूटरीकृत विश्लेषण होता है। ऐसे ही'एल। टी। एस' से नितांत अपरिचित भाषा को जाना जा सकता है।  अरविन्द दुबे की एक कथा' हम शर्मिंदा है 'में डॉ भंडारकर के मस्तिष्क को डॉ। सांघी शेष शरीर से पृथक कर एक जार में डाल देते है जिसमें एक द्रव भरा रहता है मस्तिष्क बिना धड़ के भी जिन्दा है। लक्ष्मन लोढा की कथा' दूसरा आईंसटीन ', राजेश्वर राय की 'शीशियों में बंद दिमाग', कैलाश साह की कथा 'मृत्युंजयी' में भी जीवित मस्तिष्क की बिना देह के स्वतंत्र सत्ता होती है। स्मृति अंतरण पर भी कई विज्ञान कथाएँ लिखी। गयी है। स्मृति एक व्यक्ति के मस्तिष्क से दूसरे व्यक्ति के मस्तिष्क में स्थानांतरित हो जाती है दूसरा व्यक्ति स्वयं को पहला व्यक्ति समझने लगता है। मेरी विज्ञान कथा 'अजनबी ' तथा ऑपरेशन पुनर्जन्म', बाल फोंडके की 'बहुरुपिया', अरविन्द मिश्र की 'धर्मपुत्र', मनोज पटैरिया की 'ज्ञान का तबादला', जीशान हैदर जैदी की 'अनजान पडौसी', राजशेखर भूसनूरमठ की कथा 'सावों का रहस्य' ऐसी ही कथाएँ  हैं।

समीर धर की कथा 'नीला ग्रह' के लोग अमर है। वे एक नई धरती के निर्माण के लिये एक बालक का अपहरण कर लेते हैं। 'अरेबियन नाईट' फंतासी से भरी पड़ी है। उसमें 'जादुई -अंगूठी' तथा' जादुई- चिराग' से फंतासी रची गयी है। लेकिन वह विज्ञान कथा नहीं है। फंतासी कथाओं की तरह विज्ञान कथाएँ भी रहस्य रोमांच से भरपूर विभिन्न द्वीपों से भरी पड़ी है। यहाँ द्वीपों का स्थान सुदूर ग्रहों तथा उपग्रहों ने ले लिया है। उनके संसार भी बड़े विचित्र है। उर्सुला के. ली गुइन की विज्ञान कथा 'द लेफ्ट हैण्ड डार्कनेस' में गेथान का संसार पहले सामान्य नजर आता है लेकिन द्विलिंगी प्राणियों से सामना होते ही वह विचित्र नजर आने लगता है। कथा में स्वप्न का संसार ही वास्तविक संसार होता है। फ्रैंक हर्बर्ट की विज्ञान कथा 'ड्यून' में 'अराकिस' एक ऐसा संसार होता है जो अत्यन्त शुष्क होता है नमी की एक बूंद भी कीमती होती है। इस संसार में ब्रह्माण्ड की सबसे कीमती चीज पाई जाती है। वह है 'मिलेंज'। इससे व्यक्ति की बुद्धिमता को बढाया जाता है इसकी रक्षा 'सेंड वोर्म' करते है। इरफान ह्यूमन की कथा 'ऑपरेशन ब्लैक शेड' में याक्षार का संसार बड़ा विचित्र होता है हेन्लीन की विज्ञान कथा'द पप्पेट मास्टर्स' के एलियन घोंघे के समान होते है।  वे मानव के मेरुदंड में प्रवेश कर मानव को नियंत्रित करते है।  आर्थर क्लार्क की कथा 'ए मीटिंग विथ मेड्यूसा' के 'जोवियन मेड्यूसोइड प्राणी' हजारों किलोमीटर के परास में फैले होते हैं डिलेनी के 'बीटा ढल्ग्रें' तारक प्रणाली में संसार दानवीय सरीसृप होते हैं। मानव इनके साथ सहजीवन स्थापित करके रहते हैं। डिलेनी के साथ अन्ने मैककाफ्रे की कथा 'ड्रगोंन फ्लाईट ' में मानव 'पर्न' के संसार में ड्रगोंन के साथ सहजीवन स्थापित कर रहता है। इन कथाओं की फंतासी सामान्य फंतासी न होकर विज्ञान कथाओं की फंतासी है मन की उडान अनंत है फंतासी की उडान भी अनंत है इसी तरह विज्ञान कथाओं के लिये भी आकाश खुला है लेकिन ये विज्ञान के परों पर सवार होती है।

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