साहित्य और सिनेमा की अविश्मर्निय विभूति सत्यजित रे का विज्ञान साहित्य में भी अप्रतिम योगदान रहा है। विज्ञान कथाएँ उनके बहुआयामी व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण अंग रहीं। इन्होने न सिर्फ भारतीय साहित्य को समृद्ध किया बल्कि एक पूरी पीढी और समाज के एक बड़े वर्ग को विज्ञान की जटिलताओं से मुक्त कर विज्ञान को सहज और सुलभ बना दिया।