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गंगा प्रसाद विमल

सपनों का सच

बहुत-सी अटकलें, बहुत-सी गप्पें आपने सुनी होंगी, सुनाई होंगी। मैं जो सुना रहा हूं वह सचमुच गप्प नहीं है। दिक्कत यह है कि मेरे पास ऐसा प्रमाण भी नहीं है कि आपके सामने रख सकूं कि जो कुछ मैं कह रहा हूं वह एकदम सच है। मैं झूठमूठ प्रमाण जुटा भी लूं तो आप यकीन कर लेंगे, इसका कम से कम मुझे यकीन नहीं है।

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by Dr. Radut.