महेश डलहौजी पहली बार आया था. अपनी शादी के तीस साल बाद. इससे पहले वह कई हिल-स्टेशन घूम चुका था, लेकिन डलहौजी के बारे में...
ब्रह्माण्डिकी के द्वार पर आज क्रान्ति दस्तक दे रही है। यह क्रान्ति किन्तु ‘अदृश्य पदार्थ तथा ऊर्जा’ के रूप में है।...
(कुण्डली छंद )
१. राक्षस नाश.....
विविध रूप बहुभाव युत, असुर किये संहार,
यह लीला कर 'श्याम ने, समझाया यह सार।
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स्वप्निल द्वारा चिन्हित यह विषय पुराण, इतिहास और विज्ञान...